राजस्थान में एक नई परियोजना राजस्थान के अलवर जिले में भिवाड़ी ग्रीनफील्ड अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा विकसित किया जा रहा है। यह हवाई अड्डा दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (DMICDC) और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) की संयुक्त परियोजना है। इस प्रस्तावित हवाई अड्डे के लिए 5,086 एकड़ (2,058 हेक्टेयर) भूमि आवंटित की गई है। यह साइट पूर्व-पश्चिम दिशा में लगभग 6.2 किमी और उत्तर-दक्षिण दिशा में 3.5 किमी तक फैली हुई है। इस हवाई अड्डे का उद्देश्य क्षेत्र में औद्योगिक और वाणिज्यिक विकास को गति देना है, जिससे व्यापार और परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
| चरण | निर्माण अवधि | अनुमानित यात्री क्षमता (MPPA) |
|---|---|---|
| चरण 1 | 2023 – 2027 | 3 MPPA |
| चरण 2 | 2028 – 2032 | 11 MPPA |
| चरण 3 | 2033 – 2042 | 30 MPPA |
| चरण 4 | 2043 – 2052 | 65 MPPA (अधिकतम क्षमता) |
परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग INR 10,670 करोड़ है।
| चरण | निर्माण क्षेत्र (वर्ग मीटर) | निर्माण क्षेत्र (वर्ग फुट) |
|---|---|---|
| चरण 1 | 22,500 | 2,42,188 |
| चरण 2 | 90,000 | 9,68,752 |
| चरण 3 | 1,12,500 | 12,10,940 |
| चरण 4 | 2,62,500 | 28,25,526 |
| परियोजना का नाम | भिवाड़ी ग्रीनफील्ड अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा |
|---|---|
| नवीनतम स्थिति | प्रस्तावित |
| स्वामित्व/विकासकर्ता | दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (DMICDC), भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) |
| स्थान | भिवाड़ी, अलवर ज़िला, राजस्थान |
| पिन कोड | 301702 |
| क्षेत्र | राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) |
| अक्षांश (Latitude) | 28.006528 (28° 0′ 23.5008″ N) |
| देशांतर (Longitude) | 76.784133 (76° 47′ 2.8788″ E) |
| कुल भूमि क्षेत्र | 5,086 एकड़ |
| निर्माण लागत | INR 6,048 करोड़ |
| उपयोग | परिवहन अवसंरचना |
| श्रेणी | हवाई अड्डा टर्मिनल |
| क्षेत्र | सार्वजनिक |
| परियोजना प्रारंभ तिथि | 2023 |
| परियोजना पूर्ण होने की तिथि | 2026 |
दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) की प्रमुख परियोजनाओं के विकास, समन्वय और कार्यान्वयन के लिए DMICDC की स्थापना जनवरी 2008 में की गई थी। यह भारत की सबसे महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक है, जिसका लक्ष्य "स्मार्ट सिटी" के रूप में नए औद्योगिक केंद्रों का निर्माण करना और विभिन्न बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों को एकीकृत करना है।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) की स्थापना 1 अप्रैल 1995 को राष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण (NAA) और अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण (IAAI) के विलय के बाद हुई थी। AAI का मुख्य कार्य भारत में नागरिक उड्डयन अवसंरचना का विकास, उन्नयन, रखरखाव और प्रबंधन करना है, जिससे हवाई यातायात को सुरक्षित और प्रभावी बनाया जा सके।
राइट्स लिमिटेड, 1974 में भारतीय रेलवे के अधीन स्थापित एक सरकारी उपक्रम है। यह एक ISO 9001:2015 प्रमाणित कंपनी है, जो परिवहन, अवसंरचना और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में परामर्श सेवाएँ प्रदान करती है। इसकी सेवाएँ रेलवे, राजमार्ग, बंदरगाह, हवाई अड्डों, बिजली और शहरी परिवहन प्रणाली तक फैली हुई हैं। राइट्स लिमिटेड अपनी अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं के तहत स्थानीय कंपनियों और परामर्श फर्मों के साथ सहयोग को प्राथमिकता देता है, जिससे स्थानीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग और तकनीकी विशेषज्ञता का आदान-प्रदान किया जा सके।